What Is Engine | Classification Of Engine

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What Is Engine | Classification Of Engine | इंजन का वर्गीकरण

Classification Of Engine जानने से पहले कुछ इंजन के बारे में जानते हे, जब हम इंजन में कोई भी इंधन डालते हैं, तो सबसे पहले वह जलता है, और उसके द्वारा हमें ऊर्जा प्राप्त होती है, जिसे हम वाहन चलाने में उपयोग करते हैं।

किसी भी फ्यूल में केमिकल एनर्जी होती है, और जब फ्यूल को इंजन के अंदर जलाया जाता है, तो यह केमिकल एनर्जी हीट एनर्जी में बदल जाती है, और इसी हीट एनर्जी से हमारे इंजन को Movement मिलती है, जिसे हम मेकेनिकल वर्क कहते हैं।

इंजन के लिए हमें ऊर्जा Heat से प्राप्त होती है, इसीलिए इसे हीट इंजन भी कहते हैं।

Engine is a machine design to convert one form of energy into mechanical work.

इंजन वह मशीन है जो ऊर्जा के किसी ग्रुप को मेकेनिकल कार्य में बदलते हैं।

Heat Engine :- हीट इंजन वह मशीन है जो ईंधन को जलाने से प्राप्त हुई ऊर्जा को Mechanical work में बदलती है।

Classification of engine | इंजन का वर्गीकरण

  • External external combustion engine
  • Internal internal combustion engine

External combustion engine :- इस प्रकार के इंजन में फ्यूल को इंजन के बाहर जलाया जाता है, और फिर उससे प्राप्त एनर्जी को इंजन चलाने में उपयोग किया जाता है। जैसे कि स्टीम इंजन में होता है स्टीम इंजन में पहले कोयले को जलाकर पानी को भाप बनाया जाता है और फिर उसके द्वारा इंजन चलाया जाता है।

Internal combustion engine :- इस प्रकार के इंजन में सिलेंडर के अंदर ही कंबशन चेंबर होता है और इस बीच कंबशन चेंबर में फ्यूल जलता है जैसे हमरे आज कल के वाहनों में उपयोग किया जाता है।

Internal combustion engine दो प्रकार के होते हैं।

  • Spark ignition engine:- इस प्रकार के इंजन में स्पार्क प्लग के द्वारा चिंगारी उत्पन्न करके फ्यूल मिक्सचर को जलाया जाता है। इस प्रकार की श्रेणी में पेट्रोल और गैस से चलने वाले इंजन आते हैं।
  • Compression ignition engine :- इस प्रकार के इंजन में हवा और इंधन के मिक्सर को बहुत ज्यादा कंप्रेस किया जाता है जिससे वह जल उठता है। उसे हमें ऊर्जा प्राप्त होती है जिसका उपयोग इंजन को चलाने में किया जाता है। इस प्रकार की श्रेणी में डीजल इंजन आते हैं।

Based on Number of Strokes

  • 4 stroke engine
  • 2 stroke engine

Based on Number of Cylinder

  • Single Cylinder Engine
  • Multi Cylinder Engine

Based on Cylinder Arrangement

  • Inline Engine :- इस प्रकार के इंजन अरेंजमेंट में सारे cylinder एक ही लाइन में लगे हुए होते हैं।
  • “V” Shape Engine :- इस प्रकार के इंजन में सारे सिलेंडर V Shape में लगे हुए होते हैं।
  • Opposing Cylinder Engine :- इस प्रकार के इंजन में सिलेंडर एक-दूसरे से उलटी दिशा में होते हैं।
  • Radial Engine :- इस प्रकार के इंजन में सारे सिलेंडर मिलकर एक गोल सी आकृति बनाते हैं।

Based on Engine Speed

  • Low Speed Engine
  • Medium Speed Engine
  • High Speed Engine

Based on use

  1. Stationary Engine :- इस प्रकार की इंजन अपनी जगह पर स्थिर होते हैं जैसे इलेक्ट्रिक जनरेटर और वाटर पंप इंजन।
  2. Portable Engine :- इस प्रकार के इंजन को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा सकता है।
  3. Automobile Engine :- इस प्रकार के इंजन को वाहनों में उपयोग किया जाता है।
  4. Marine Engine :- इस प्रकार के इंजन का उपयोग पानी के जहाजों में किया जाता है।

Engine Terminology

Top Dead Centre (TDC) :- जब सिलेंडर में पिस्टन strock के समय ऊपर की ओर Motion करता है तो वह जिस लास्ट प्वाइंट तक जाता है ओर उसके बाद वह फिर से नीचे कि तरफ आने लगता है उस Point को top dead centre TDC कहते है।

Bottom Dead centre :- गैस सिलेंडर में पिस्टन स्टॉक के समय ऊपर से नीचे की ओर मोशन करता है तो वह लास्ट पॉइंट जहां तक नीचे जाता है और उसके बाद वापस ऊपर आने लगता है उस पॉइंट को bottom dead centre BDC कहते है।

Stroke length :- जब पिस्टन TDC से BDC Move करता है, तो इनके बीच की दूरी को stroke length कटे है इसे L से Represent करते है।

Bore :- इंजन सिलेंडर के internal diameter को Bore कहते है इसे हम D से Represent करते है।

Clearance volume :- जब पिस्टन TDC पर होता है तो उसके बाद सिलेंडर में जितना भी फ्री स्पेस उपर की तरफ बचता है उसे clearance volume कहते है। इसे हम Vc द्वारा Represent करते है।

Stroke volume Swipt volume :- Stroke Length के Volume को ही Stroke Volume या Swept Volume कहते है, जो कि TDC से BDC के बीच का Volume होता है, इसे हम Vs के द्वारा Represent करते है।

Total Volume :- यह पूरे सिलेंडर का Volume होता है, जो कि Clearance Volume ओर Stroke Volume का जोड़ होता है। इसे Cubic Centimeter में नापा जाता है। इसे छोटे रूप में CC कहते हैं, ये वहीं CC होता है, जब की हम किसी इंजन की क्षमता के बारे में बात करते हैं, जैसे कि 150 CC इंजन, 800 CC इंजन तो वास्तव में उस समय हम उसके Total volume को बता रहे होते हैं।

Compression Ratio :- सिलेंडर के Total volume और Clearance Volume के अनुपात को Compression Ratio कहते हैं। इस CR के द्वारा Represent करते हैं।

  • Spark Plug Engine के लिए Compression Ratio 8 से 12 होता है।
  • Compression Ignition Engine के लिए Compression Ratio 14 से 21 होता है।

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