PPAP kya hai in Hindi | PPAP क्या है हिन्दी में

Production Part Approval Process (PPAP) Kya hai

Production Part Approval Process (PPAP) Kya hai

जब कोई भी Customer किसी Supplyer को कुछ नया Part बनाने के लिए कहते है, तो Customer Supplyer से Request करते की आप Perform करके दिखाइए की आप इसे कैसे बनाएंगे, ओर कुछ Documents (PPAP) भी Submit करने के लिए कहता है। इसके बाद Customer उन सारे Documents को देखता है, वह ठीक है या नहीं, ठीक होते है तो Customer Product को बनाने के लिए Approval दे देता है। जब Supplyer को Customer से Approval मिल जाता है तो वह Part का Mass Production Start स्टार्ट कर देता है।

इसे Automotive Industry Action Group (AIAG) ने Develop किया था। अभी हम इसका Standart (4th Edition) का उपयोग कर रहे है, जो कि 2006 में बना था।


Quality management tool के 5 कोर टूल है,यह इनमे से एक है।


PPAP हम क्यों करते है?

  • यह बताने के लिए की Supplyer Customer की सारी Requirments को पूरी करेगा।
  • Supplyer प्रोडक्शन के लिए त्यार है, और एक Quality प्रोडक्ट ही Customer को Deliver करेगा।
  • यह एक Evidence भी त्यार करता है, कि कस्टमर की जो भी Engineering Design है, उसकी Requirements or Specification को Supplyer ने अच्छे से समझ लिया है ओर वह उन्हें पूरा कर सकता है।

Submission Requirements

नीचे दिए गए Table को देखिए इसमें सभी जरूरी 19 Documents है, जो कि Supplyer को Customer को देने होते है। इसमें 1 से लेकर 5 अलग अलग Level होते है, जो यह बताते है कि किस लेवल पर किं किन Documents को Submit करना है, इनमें R, S ओर * का अलग अलग अर्थ होता है।

  • S = जहां पर “S” है इसका मतलब यह है कि, उस Document की Organization को एक Copy Customer को देनी होगी ओर एक Copy अपने पास रखनी होगी।
  • R = इसका मतलब यह होता है कि, उन Documents की Copy को आपने पास त्यार रखे ओर जब Customer को जरूरत हो तब उस दे।
  • * = इसका मतलब यह है कि Organization इन Documents को एक स्थान पर सुरक्षित रखे ओर Customer मांगे तब उसे दे।

PPAP Submisson Level

Level 1 :- इसमें हम केवल Part Submission Warrant (PSW) को ही सबमिट करते है।

Level 2 :- इस Level पर हम PSW के साथ Product Sample ओर Limited Supporting Data भी देते है।

Level 3 :- इस Level पर सभी Requirements पूरी हो जाती है, इसे Depart Level भी कहा जाता है। यदि Customer ने Show नहीं किया है कि उसे किस Level का PPAP चाहिए तो हमे By Default 3rd Level का PPAP देना चाहिए। इसमें हम PSW के साथ Sample ओर Complete Supporting Data देते है।

Level 4 :- इसमें हम PSW के साथ यदि ओर कोई Requirmentes कस्टमर ने दी है तो उसे देंगे।

Level 5 :- PSW के साथ प्रोडक्ट का Sample ओर Complete Supporting Data भी देंगे। Product Review भी उपलब्ध करवाएंगे Manufacturing Location पर Complete Documentation के साथ।


Production Part Approval Process Checklist

इसमें कस्टमर एक Checklist देता है Supplyer को की उस वो सभी Document चाहिए। तो Supplyer PPAP के साथ एक list देता है कि उसमें किन किन डॉक्यूमेंट को Attech किया गया है फिर कस्टमर उनका Review करता है फिर उन्हें वह Approve या Reject कर सकता है ओर यदि कोई Comment या Remark है तो वह भी वो दे सकता है।


PPAP के सभी Documents

1. Design Record :- एक प्रिंट कॉपी ड्राइंग की कस्टमर को देनी होती है। यदि डिजाइन कस्टमर का है तो डिजाइन की एक कॉपी को PPAP में अटैच करेंगे ओर यदि Design Supplyer का ही है तो वह Drwing की एक Copy कस्टमर को दे।

2. Authorised Engineering Change Documents :- यदि प्रोडक्ट की Specification में हमने कोई भी चेंज किया है, और वह Design Record में चेंज नहीं है, तो हम उसमें एक Authorised Engineering Change Document लगते है।

3. Engineering Approval (If Required) :- जो भी चेंज हमने ECD (engineering change document) के द्वारा किया है उसका Approval हमे Customer से लेना होता है क्योंकि कोई भी बदलाव हम अपने अनुसार तो कर नहीं सकते जब कस्टमर Approval दे देता है तो उसकी एक Copy PPAP के साथ लगाते है।

4. DFMEA :- Design Failure Mode Effect Analysis यदि Design के लिए Supplyer जिम्मेदार है, तो वह DFMEA की एक Copy को भी PPAP के साथ लगाएगा जिसका कस्टमर Review करेगा।

5. Process Flow Diagram (PFD) :- इसमें हमको पूरी प्रोसेस का एक Flow Diagram PPAP के साथ लगाना होता है। की हमारी प्रोसेस में क्या क्या Steps होंगे कैसे हमारा Product बनेगा।

6. PFMEA :- इसमें हमरी प्रोसेस में क्या क्या Failure हो सकते है, जिनसे की हमारा प्रोडक्ट खराब हो सकता है उसका Analysis करते है, ओर PFMEA (Process Failure Mode and Effect Analysis) की Sheet की Copy को भी PPAP के साथ लगाना होती है।

7. Control Plan :- PPAP में Control Plan एक बहुत जरूरी डॉक्यूमेंट होता है। Control Plan Step by Step दिखाता है कि, कौन-कौन सी Process में कौन-कौन सी Dimension Maintain होगी और उन्हें कैसे Control करना है। Incoming Inspection से लेकर final Inspection तक सभी Parameters कैसे बनेंगे और कैसे कंट्रोल होंगे यह सभी Control Plan में होता है।

8. MSA :- Measurement System Analysis (MSA) में हम Gauge R&R करते है, जिसमें किसी Critical Dimension को Gauge द्वारा चेक करने वाले है तो उसमें हम Study करते है कि हमरी Repeatability, Repraduceability कितनी आ रही है। इसकी Report भी हम PPAP में लगते है।

9. Dimensional Result :- इसमें हम सभी Inspection Report को Submit करते है। इसमें जो प्रोडक्ट की Final रिपोर्ट होती है उस भी PPAP में लगते है।

10. Records of Material Performance Test :- हम प्रोडक्ट पर जितने भी टेस्ट करते है, जैसे कि Heat Treatment टेस्ट किया प्रोडक्ट पर अब उससे प्रोडक्ट के Materail में कुछ बदलाव आएंगे तो उसकी जो रिपोर्ट होगी उस भी हम PPAP में लगते है।

11. Initial Process Studies :- Statistical Process Control (SPC) में हम यह देखते है कि हमारी प्रोसेस कितनी Capable है। इसकी रिपोर्ट भी हमे PPAP के साथ देनी पड़ती है।

12. Qualified Laboratory Documentation :- यदि Design Record में यह दिया गया हो कि उसमें Qualified Lab Report की जरूरत है, तो फिर हम External or Internal Qualified Laboratory Report की टेस्ट रिपोर्ट लगते है।

13. Appearance Approval Report :- यदि हमारा Finished Product किसी External Part की तरह काम कर रहा है, तो वह Design Record के हिसाब से वह कैसा दिखेगा उसका क्या कलर होगा, क्या Texture होगा इन सभी के लिए कस्टमर से Approval लेते है और इसकी रिपोर्ट को भी PPAP में ऐड करते है।

14. Product Sample :- प्रोडक्ट का एक सैंपल भी हम PPAP में शामिल करते हैं, Product का एक फोटो लेकर हम PPAP में ऐड करते है कि Final प्रोडक्ट हमारा ऐसा दिखेगा।

15. Master Sample :- सप्लायर एक Master sample को Retain करके रखता है ओर कस्टमर से उसका Approval ले लेता है। इस पर कस्टमर ओर सप्लायर दोनों Signature कर देते है फिर Supplier उस अपने पास रख लेता है।

16. Checking Adis :- इसमें यदि हमने कोई checking chain बना कर रखा है, तो उसमें हम उसकी फोटो ओर Dimension को डालते है ओर चेक करते है।

17. Records of Compliance with Customer Specific Requirements :- यदि कस्टमर प्रोडक्ट के लिए कोई Specific Test Report की डिमांड करता है, तो वो Test करवाकर हम उसकी रिपोर्ट को PPAP में ऐड करते है।

18. Part Submission Warrant (PSW) :- जब हम सारे डॉक्यूमेंट Submit कर देते है, उसके बाद हमे PSW (Part Submission Warrant) भी देना होता है। जिसमें को हम Show करते है कि हम उसी Part को Customer को Supply करेंगे जिसका की हमने Approval लिया है।

19. Bulk Material Checklist :- यदि हम कोई Material bulk में सप्लाई कर रहे है, तो उसे कैसे चेक किया जाए उसके लिए हम एक Checklist प्रोवाइड करवाते है।


Submission Status

जब हम PPAP को Customer के पास Submit कर देते है और वह उसको Review करता है और Approval देता है तो उसके कुछ अलग अलग प्रकार हो सकते है।

1. Full Approval :- यदि सप्लायर को फूल ऐप्रोवाल मिल गया है, तो वह प्रोडक्ट को सप्लाई कर सकता है ओर PPAP Document को अपने पास Retain करके रखता है जब तक कि प्रोडक्ट Active है, ओर उसके बाद भी एक साल तक ओर अपने पास रखेगा।

2. Interm Approval :- अगर हमारा PPAP में कुछ गलतियां है पर कस्टमर कहता है कि अभी तो आप supply कर दो परन्तु बाद मै आपको change करना पड़ेगा ओर वापस PPAP Submit करना पड़ेगा।

3 . Reject :- जब हमारा PPAP कुछ कारणों से पूरा रिजेक्ट हो जाता है तब हम उन कारणों में बदलाव करते है और PPAP को फिर से सबमिट करते है।



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4 thoughts on “PPAP kya hai in Hindi | PPAP क्या है हिन्दी में”

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