SPC kya hai in hindi | SPC क्या है हिन्दी में ?

Statistical Process Control (SPC)

Statistical Process Control (SPC) क्या है हिन्दी में ?

SPC का पूरा नाम Statistical Process Control है, इसमें इन शब्दों का क्या – क्या मतलब है पहले आप उसे जान लीजिये तो आपको समझने में आसानी होगी :-

  • Statistics :- हम किसी भी प्रोसेस को जानने के लिए Sample डाटा का उपयोग करते है, और उससे हमें जो जानकारी मिलती है उसे हम Statistics कहते है।
  • Process :- Man, Machine, Material, Method, Environment की मदद से प्रोसेस में Input देकर हम Output ( Product ) में Convert करना ही Process कहलाता है।
  • Control :- प्रोसेस में वेरिएबल को दिए हुए लिमिट्स के अन्दर कैसे बनाये रखे जिससे वह उन लिमिट के वाहर न जाये कंट्रोल कहलाता है।

SPC में हम आंकड़ों के आधार पर प्रोसेस को कंट्रोल करते हैं, उसका Behaviour किस तरह का है , उसका Graph कैसे बन रहा है, उसमें क्या-क्या Variation आ रहे हैं, उसको Monitor करते हैं। और यदि उसमें कोई Defect आ रहे हैं तो,उसके Causes का पता करते हैं, और प्रोसेस को सुधारने की कोशिश करते हैं।

Statistical Process Control एक प्रोसेस को Monitor ओर Control करने का Scientific Visual Method है, इसके द्वारा हम Quality को Improve करते है। इसे हम Manufacturing, Services, ओर Financial Process में भी उपयोग कर सकते है। यह 5 Quality Management Tool का एक उपयोगी टूल है।

इसे सन 1920 में Dr. Walter A. Shewhart ने Bell Lab में बनया था, अभी हम इसके 2nd Edition का उपयोग करते है जो की July 2005 में आया था।


Quality Management Tool के 5 कोर टूल है,यह इनमे से एक है।


Basis of SPC

  • SPC Monitor करता है Production Process को Poor Quality Product को Detect or Prevent करने के लिए।
  • इसमें हम प्रोडक्ट के बहुत सारे Sample लेते है, उसमें हम रीडिंग्स लेते है सभी Parts की, उन्हें SubhGroups में बाट देते है, फिर उनका Average निकलते है, इससे हमको एक Data मिल जाता है, इसे हम Control चार्ट में डालते है।
  • Control Chart में देखते है कि वह Control Limit से बाहर तो नहीं जा रहा है।

Variability

प्रोसेस हमरी एक समान नहीं होती है, उसमें कुछ Variations आते है जो रिजल्ट हमे चाहिए होता है वह नहीं आता है तो इनके Causes होते है वो 2 प्रकार के होते है।

  • Random Causes :- इसमें Common Causes आते है। जिन्हे हम सिस्टम को ओर ज्यादा Improve करके ठीक कर सकते है।
  • Non Random Causes :- इन्हे हम Special Causes कहते है। ये Causes हमे साफ दिख जाते है जैसे कि – प्रोसेस में Operator द्वारा की गई गलती। तो इसे हम अपने Management Action के द्वारा ठीक कर सकते है।

Quality Measures In SPC

Statistical Process Control (SPC)
Statistical Process Control (SPC)

Attributes

यदि हम Attributes की बात करें तो यह कुछ इस प्रकार के होते हैं- (Go, NoGo), (Ok, Not Ok), (Good, Bad) इनका उपयोग करके हम प्रोडक्ट की जांच करते है, कि प्रोडक्ट “Ok है या Not Ok” फिर इन्हीं के द्वारा Attribute Data को कलेक्ट कर लेते है। इसमें हमें यह पता नहीं लगता की Product कितना सही है, और कितना गलत बस यह कह सकते है की गलत है या सही है।

Variable

इसमें इस प्रकार के Characteristics होते है length, weight, height, volume आदि, जिन्हें की Measure किया जा सकता है और उसके बाद ही यह तय किया जाता है की product कितना सही है और product में कितना Defect है।


Type of Control Chart

  • For Variable :- दो प्रकार के होते है।
    1. Mean Chart (X-Bar Chart)
    2. Range Chart (R-Chart)
  • For Attributes :- यह भी दो प्रकार के होते है।
    1. P-Chart
    2. C- Chart

इसके बारे मैं और पढ़े :-

Control chart kya hai In Hindi | कंट्रोल चार्ट क्या है हिंदी में


Process Control Chart

  • LCL :- यह LowerControl Limit होती हैं इस लाइन के नीचे डेटा वेरियाबल नहीं जाना चाहिए।
  • UCL :- UCL” upper control limit होती हैं इस लाइन के उपर डेटा वेरियाबल नहीं जाना चाहिए ।
  • Average Process Line :- यह एवरेज प्रोसेस को दिखाता है इस लाइन के उपर और नीचे ही प्रोसेस चलती रहती है इस लाइन से जतना दूर डाटा Veriable होंगे प्रोसेस में उतना ही वेरिएशन आते जायेंगे और यह यदि कंट्रोल लिमिट्स को पर कर देते है तो हमरी Process Out of Control हो जाएगी।

Process Capability (CP)

  • Process Capability में हम यह देखते है कि Product को बनाने के लिए दिए हुए Tolerance में हम प्रोडक्ट को बना पा रहे है या नहीं, यदि प्रोसेस में Variations आ रहे है, लकिन वह हमारे Tolerance के अन्दर ही है, तो इसका मतलब है कि, हम उस प्रोडक्ट को बना सकते है।
  • हमारे जो भी Product Design Specification है, यदि वह सब हमरे बनाए गए प्रोडक्ट में है तो इसका मतलब है हमारी प्रोसेस Capabile है प्रोडक्ट को बनाने में और Process Capability भी बिलकुल ठीक है।
  • Natural Variation की Range कंट्रोल limit के अंदर होना चाहिए।

Difference Between CP and CPK

  • CP Index केवल Specification limit और Standard Deviation को ही कैलकुलेट करता है। मतलब कि हमारी Specification limit क्या दी हुई है और उसके अनुसार हमारे Standard Deviation आ रही है कहां पर हमारी प्रोसेस कितनी रेंज में आ रही है वही हम इसमें देखते हैं।
  • जबकि CPK में हम specification limit के अन्दर हमारी प्रोसेस को भी देखते हैं और साथ ही साथ यह भी देखते है कि वह Mean की तरफ Center में ही चल रही है ना कहीं वह एक साइड तो नहीं जा रही है।
  • CP में केवल हम Range को ही देखते है, लेकिन CPK में हम Range के साथ यह भी देखते है की Process Center में ही चले और किसी एक तरफ न चले वह Mean Line के पास रहे और कंट्रोल लिमिट्स में रहे।

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4 thoughts on “SPC kya hai in hindi | SPC क्या है हिन्दी में ?”

    1. हमारी अन्य पोस्ट को भी पढे ओर अपने दोस्तों के साथ शेयर करे. . आपका धन्यवाद

    1. आपका धन्यवाद
      हमारा उद्देश्य यही है, सरल भाषा मे आप तक जानकारी पहुचाना अन्य पोस्ट को भी पढे ओर अपने दोस्तों के साथ शेयर करे..

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