Jig and Fixture क्या है? (Differences, Types & Uses) – Complete Guide

मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में जब भी मास प्रोडक्शन (Mass Production) या Quality Control की बात आती है, तो बिना Jig and Fixture के इसे सोचना भी मुश्किल है। कंपनियों में हर दिन लाखों पार्ट्स बनते हैं, और हर पार्ट की डाइमेंशन एकदम सटीक होनी चाहिए। इसी सटीकता और रफ़्तार को बरकरार रखने के लिए प्रोडक्शन लाइन्स पर जिग और फिक्सचर का उपयोग किया जाता है।

Jig and Fixture क्या है? (What is Jig and Fixture in Hindi)

जिग और फिक्सचर दोनों ही ऐसे मशीन टूल्स (Machine Tools) हैं जिन्हें वर्कपीस (Workpiece) को पकड़ने, सहारा देने और कटिंग टूल को गाइड करने के लिए बनाया जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को फ़ास्ट, सटीक और इंसानी (Operator) गलतियों से मुक्त बनाना है।

📌 Jig (जिग) क्या है?
जिग एक ऐसा टूल है जो वर्कपीस को मज़बूती से पकड़ता (Hold) है और साथ ही साथ कटिंग टूल (जैसे Drill bit) को सही जगह पर काम करने के लिए गाइड (Guide) भी करता है। यह टूल को भटकने नहीं देता। इसका सबसे ज़्यादा इस्तेमाल ड्रिलिंग (Drilling), रीमिंग (Reaming) और टैपिंग (Tapping) में होता है।

📌 Fixture (फिक्सचर) क्या है?
फिक्सचर एक ऐसा डिवाइस है जो केवल वर्कपीस को कसकर पकड़ने (Hold) और लोकेट (Locate) करने का काम करता है। यह कटिंग टूल को गाइड नहीं करता। टूल को मशीन के ऑपरेटर द्वारा खुद सेट और मूव किया जाता है। इसका बहुत बड़ा उपयोग मिलिंग (Milling), टर्निंग (Turning), शेपिंग (Shaping) और वेल्डिंग (Welding) मशीन ऑपरेशन्स में होता है।

Jig और Fixture में क्या अंतर है? (Jig vs Fixture Difference)

यह सवाल मैकेनिकल इंजीनियरिंग के इंटरव्यू में सबसे ज्यादा पूछा जाता है। नीचे दी गई टेबल से आपको इनमें मुख्य अंतर आसानी से समझ आ जाएगा:

फीचर (Features) जिग (Jig) फिक्सचर (Fixture)
मुख्य कार्य (Main Function)वर्कपीस को पकड़ता है और कटिंग टूल को गाइड भी करता है।सिर्फ वर्कपीस को मजबूती से पकड़ता है (गाइड नहीं करता)।
उपयोग (Operations)Drilling, Reaming, Tapping में उपयोग होता है।Milling, Turning, Welding, Grinding में उपयोग होता है।
वज़न (Weight)यह डिज़ाइन में हल्के (Lightweight) होते हैं।यह बहुत भारी और मज़बूत (Bulky & Heavy) होते हैं।
मशीन पर फिक्सिंगआमतौर पर इसे मशीन के टेबल पर क्लैंप करने की ज़रुरत नहीं होती। इसे हाथ से पकड़ा जा सकता है।क्योंकि इसमें बहुत ज़्यादा वाइब्रेशन होती है, इसलिए इसे मशीन टेबल के साथ कसकर (Bolted) बाँधा जाता है।
गेज ब्लॉक्स (Gauge Blocks)इसमें टूल को सेट करने के लिए गेज ब्लॉक्स की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि टूल खुद गाइड हो जाता है।फिक्सचर में कटिंग टूल को सही पोजीशन पर लाने के लिए ‘गीज ब्लॉक्स (Feeler Gauge)’ का यूज़ होता है।
लागत (Cost)ज़्यादातर जिग बनाने की लागत फिक्सचर के मुकाबले ज़्यादा होती है (इसकी गाइड बुशेस की वजह से)।फिक्सचर डिज़ाइन और बनावट में जिग से थोड़े सस्ते हो सकते हैं।

जिग के प्रकार (Types of Jigs)

  1. Template Jig (टेम्पलेट जिग): यह सबसे सिंपल जिग है। यह एक प्लेट जैसी होती है जिसमें सुराख़ (Hole) बने होते हैं। इसे जॉब के ऊपर रखकर सीधा ड्रिल कर दिया जाता है।
  2. Plate Jig (प्लेट जिग): टेम्पलेट जिग का अपग्रेड वर्ज़न, इसमें सुराखों के अंदर ‘Drill Bushes’ लगे होते हैं ताकि टूल बार-बार रगड़ कर छेद को चौड़ा न कर दे।
  3. Channel Jig (चैनल जिग): इसका आकार अंग्रेजी के U अक्षर जैसा होता है। कंपोनेंट को इसके अंदर डालकर ऊपर से क्लैंप कर दिया जाता है।
  4. Leaf Jig (लीफ़ जिग): इसमें एक ढक्कन (Leaf/Cover) होता है जो कब्ज़े (Hinge) के सहारे खुलता और बंद होता है।
  5. Box Jig (बॉक्स जिग): इसे Tumble Jig भी कहते हैं। जब जॉब में 360 डिग्री अलग-अलग एंगल से होल करने हों, तो पार्ट को एक बॉक्स के अंदर पैक कर दिया जाता है।

फिक्सचर के प्रकार (Types of Fixtures)

फिक्सचर मशीन के ऑपरेशन के आधार पर ही बांटे जाते हैं:

  • Milling Fixture: मिलिंग मशीन के टेबल पर कसा जाने वाला फिक्सचर जो भारी कटिंग फ़ोर्स को सह सके।
  • Turning Fixture: लेथ मशीन (Lathe Machine) पर लगने वाला फिक्सचर। जब जॉब गोल न होकर किसी अजीब शेप का हो, तो चक (Chuck) की जगह इसी फिक्सचर का यूज़ होता है।
  • Welding Fixture: वेल्डिंग करते वक़्त पार्ट्स अपनी जगह से टेढ़े न हो जाएं, इसलिए उन्हें अपनी एकदम सही लोकेशन पर वेल्डिंग फिक्सचर द्वारा पकड़ा जाता है।
  • Grinding Fixture: ग्राइंडिंग मशीन पर जॉब को सहारा देने के लिए।

मैन्युफैक्चरिंग में जिग-फिक्सचर का महत्व और फायदे

अगर एक कंपनी Control Plan बनाकर पार्ट्स को रिजेक्ट होने से बचाना चाहती है, तो प्रोडक्शन लाइन पर ये टूल्स होना अनिवार्य है:

  • प्रोडक्शन तेज़ होता है: ऑपरेटर को हर जॉब को मैन्युअल रूप से नापने और मार्किंग करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। पार्ट डाला, क्लैंप किया और कटिंग शुरू!
  • क्वालिटी 100% कंसिस्टेंट रहती है: PFMEA में सबसे बड़ा रिस्क इन्सानी गलती होता है। इन टूल्स की मदद से हर पार्ट दूसरे पार्ट के बिल्कुल समान बनता है (Interchangeability)।
  • Line Balancing में आसानी: काम का प्रोसेस इतना सिंपल हो जाता है कि कोई अनपढ़ या सेमी-स्किल्ड ऑपरेटर भी मशीन और टूल्स को ऑपेरेट कर सकता है।
  • थकान (Fatigue) कम होती है: भारी पार्ट्स को फिक्सचर स्टेबल रखता है, जिससे वर्कर की मेहनत बचती है।
  • इंस्पेक्शन की बचत: पार्ट्स इतने परफेक्ट निकलते हैं कि बार-बार Vernier Caliper या माइक्रोमीटर से उन्हें नापना नहीं पड़ता।
Jig और Fixture में सबसे मुख्य अंतर क्या है?

Jig वर्कपीस को पकड़ने के साथ-साथ कटिंग टूल (जैसे ड्रिल बिट) को गाइड भी करता है। लेकिन Fixture सिर्फ वर्कपीस को मज़बूती से पकड़ता है, यह कटिंग टूल को कहीं भी गाइड नहीं करता।

वेल्डिंग में Jig का इस्तेमाल होता है या Fixture का?

वेल्डिंग में हमेशा ‘Welding Fixture’ का इस्तेमाल होता है, क्योंकि इसमें हमें पार्ट्स को केवल एक फिक्स जगह पर मज़बूती से होल्ड करना होता है ताकि वेल्डिंग की गर्मी से वो टेढ़े न हों। इसमें किसी कटिंग टूल को गाइड नहीं करना होता।

क्या ड्रिलिंग मशीन पर फिक्सचर का उपयोग किया जा सकता है?

आमतौर पर ड्रिलिंग के लिए ‘Drill Jig’ का ही प्रयोग किया जाता है। लेकिन अगर सिर्फ जॉब को कसने की जरुरत हो और टूल सेंटर खुद-ब-खुद ले रहा हो, तो स्पेशल ड्रिलिंग फिक्सचर भी यूज़ किये जा सकते हैं।

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