Lean Manufacturing In Hindi | What is Lean Manufacturing

Lean-Manufacturing-In-Hindi

Lean Manufacturing वह प्रक्रिया है, जिसमे मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के अंदर से Non Value Adding Activities को हटाया जाता है, जिनकी मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में कोई भी जरूरत नहीं होती है। 

सीधे शब्दों में कहें तो Lean Manufacturing मे हम प्रोसेस से सभी प्रकार के Waste ( MUDA )को हटा देते हैं, जिनका Process मे कोई भी काम नहीं होता है, या जिनसे हमे कोई भी फायदा नहीं है, ताकि हमारा प्रोडक्ट जल्दी तैयार हो सके साथ-साथ हमे प्रोडक्ट बनाने का कॉस्ट भी कम आए।


Five Concepts of Lean Thinking

  • Perfection :- इसमें हम प्रोसेस में लगातार इंप्रूवमेंट करके से और बेहतर बनाते हैं प्रक्रिया में परफेक्शन लाते हैं।
  • Value :– इसमें हम प्रोसेस में वैल्यू देखते हैं, कि वह कस्टमर के लिए उपयोगी है या नहीं है ऐसी चीजों को हम हटा देते हैं जो कि कस्टमर के लिए अनुपयोगी है, या जिनके लिए कस्टमर पैसा नहीं देता है।
  • Value Stream :- जो चीजें कस्टमर के लिए आवश्यक है, उन चीजों को और बेहतर बनाना उन पर अधिक ध्यान देना।
  • Flow :- जो चीजें कस्टमर के लिए बहुत ही जरूरी है उनका विशेष ध्यान रखना क्या उनमें किसी प्रकार की कोई समस्या है, यदि कोई समस्या है तो उसका समाधान करना।
  • Pull :- कस्टमर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए हैं, उन चीजों पर ज्यादा फोकस करना है जो की कस्टमर के लिए जरूरी है।

Advantage of Lean Manufacturing

  1. Lean Manufacturing में हम अनुपयोगी एक्टिविटी को हटा देते हैं, तो प्रोडक्शन कॉस्ट कम हो जाएगा साथ साथ समय की भी बचत होती है।
  2. प्रोडक्ट कॉस्ट घटेगी तो इससे सप्लायर को भी फायदा होगा।
  3. यदि कंपनी को फायदा हो रहा है, तो कंपनी के Employee खुश रहेंगे उन्हें ओर ज्यादा सैलरी प्राप्त होगी।
  4. कस्टमर की जरूरत के अनुसार तथा अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्ट प्रदान कर सकेंगे।
  5. सही समय पर कस्टमर को डिलीवरी दे सकते है ।
  6. कस्टमर को वही प्रोडक्ट कम दाम में प्राप्त हो सकेगा।

Tools of Lean Manufacturing

  • 5S :- इसमें 5 शब्दों की एक सूची होती है, जिन्हे 5S कहा गया है ( Sorting, Set in order, Shine, Standardize, Sustain ) 5S एक जापानी टूल है, जिसका उपयोग वर्कप्लेस मैनेजमेंट के लिए किया जाता है। ( 5S की पूरी पोस्ट पढे )
  • 3M :- MuraMuri & Muda ये 3M है, जो की प्रोसेस मे एक प्रकार के Waste है। ( 3M की पूरी पोस्ट पढे )
  • Kaizen :- हम छोटे-छोटे कार्यों में बदलाव करके कुछ अच्छा ओर बेहतर करते है, जिससे किसी भी कार्य या सिस्टम में इंप्रूवमेंट होता है, और कार्य करना भी आसान हो जाता है। ( Kaizen की पूरी पोस्ट पढे )
  • Poka Yoke :- Poka Yoke में हम कुछ ऐसा करते हैं, जिससे गलती से भी गलती ना हो, मतलब की गलती होने के Chance Zero हो ओर हमारा Waste नहीं बने। ( Poka Yoke की पूरी पोस्ट पढे )
  • Kanban :-
  • Pull System :- इसमे हम कस्टमर की जरूरत के अनुसार ही हम प्रोडक्ट या सर्विस को बनाते हैं।
  • Line Balancing :- इसमें हम प्रोसेस के साइकल टाइम को ऑप्टिमाइज करते है और लाइन को बैलेंस सकते हैं ताकि कही पर भी हमारा Waste ना हो, हमारा Production एक ही Flow में निकलता रहे, और हम एक Standard टाइम को ही हर बार Follow करे।
  • Andon :- : इसमें हम visually देखते हैं, कि प्रोसेस में सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं कहीं कोई गलती तो नहीं है जिससे कि परफारमेंस में फर्क पड़े।
  • Just In Time :- इसमें हम यह देखते हैं कि जिस टाइम पर, जिस स्थान पर, जिन चीजों की जितनी मात्रा में जरूरत है, उतना ही उपयोग में लाया जाए या उतना ही बनाया जाए।
  • Key Performance Indicator :– इसमें हम प्रोसेस की मॉनिटरिंग करते हैं, इंडिकेटर सेट करते हैं, जिसमें कि यदि प्रोसेस में कोई गड़बड़ी हो तो उसे तुरंत सुधारा जा सके।
  • Quality Circle Council :– इसमें शॉप फ्लोर के कर्मचारी जैसे की Supervisor या Associate की छोटी-छोटी टीम बनाते हैं, जो की क्वालिटी इंप्रूवमेंट के लिए कार्य करते हैं।
  • 5 Way :- इसमें हम Way Way Analysis करते है, और Root Cause को ढूंढते हैं, और प्रोडक्ट की क्वालिटी में सुधार करते है।
  • TPM :-
  • OEE :-

7 Waste of Lean Manufacturing

ये पूरी तरह से अनुपयोगी होते हैं, जिनका कोई भी उपयोग नहीं होता है। इसमें 7 प्रकार के Waste आते हैं, जिसे हम TIMWOOD कहते है।

  1. Transportation :- जब हम एक मटेरियल को कही पर भी एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाते हैं, या फिर एक प्रोसेस से दूसरी प्रोसेस के लिए ले जाते हैं, तो इससे ट्रांसपोर्टेशन में जो हमारा Loss होता है।
  2. Inventory :- कई बार हम बहुत ज्यादा मटेरियल बना लेते हैं, हमारा In Stock ओर Final Stock बड़ जाता है। यह हमारे लिए चिंता का विषय बन जाता है, क्योंकि उससे हमें कोई भी फायदा नहीं हो रहा है, और मटेरियल के खराब होने के Chances भी है।
  3. Motion :- इसमें हम Man, Machine Material के बीच Motion को देखते हैं। यदि वर्कर्स को कहीं दूर से, उपर से या नीचे से मटेरियल को लेना पड़ रहा है, तो Motion काफी ज्यादा होता है, इसे हमें कम करने की कोशिश करना चाहिए।
  4. Wait :- एक प्रोसेस के बाद दूसरी प्रोसेस के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है, इसके लिए हमें स्टैंडर्ड टाइम को फॉलो करना चाहिए ताकि Time Variation ना आए और प्रोसेस Smoothly चलती रहे।
  5. Over Processing :- जब हम एक ही प्रोसेस को इतना ज्यादा ओवर प्रोसेस कर लेते हैं, कि दूसरी प्रोसेस के लिए बहुत ज्यादा इन्वेंटरी इकट्ठी हो जाती है। उससे Material खराब भी हो सकता है, इसे हमें Avoid करना चाहिए।
  6. Over Production :- जब हमारे प्रोडक्ट की मार्केट डिमांड कम होती है और प्रोडक्शन ज्यादा हो जाता है, फिर Material बहुत ज्यादा मात्रा में इकट्ठा हो जाता है, जिससे उसे संभालने में परेशान होती है।
  7. Defects :- जबकि किन्हीं प्रोडक्ट की Rejection (वापसी) हो जाती है, तो उस पर Rework करना पड़ता है, जिससे कि हमें दोबारा सारे काम करने पड़ेगें, फिर से Machining करनी पड़ेग, Labor Cost लगेगी और बहुत नुकसान होगा।
Share

1 thought on “Lean Manufacturing In Hindi | What is Lean Manufacturing”

  1. Pingback: OEE in Hindi | Overall Equipment Effectiveness - Engineerhindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *