Check Sheet kya hai in hindi

What is Check Sheet (चेक शीट क्या है)

“Check Sheet 7 QC Tool में से एक टूल है, जिसका उपयोग हम डाटा कलेक्ट करने के लिए करते है, इसमें हम रियल टाइम – रियल लोकेशन पर जहां पर डाटा जनरेट हो रहा है,वहां पर जाकर डाटा कलेक्ट करते हैं”

Check Sheet एक प्रकार की मैनुअल सीट होती है, जिस पर मैनुअली डाटा फिल किया जाता है, इसे टेली शीट (Telly Sheet) भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें हम Quantitative lnformation भी कलेक्ट करते हैं और टेली मार्क का उपयोग करते हैं, चेक सीट से प्राप्त जानकारी का हम हिस्टोग्राम ग्राफ बनाने में भी उपयोग कर सकते हैं।

यह एक ब्लैंक फॉर्म होता है, जो डिजाइन किया जाता है आसान तरीके से डाटा को इकट्ठा करने के लिए यह डाटा Quantitative or Qualitative दोनों प्रकार का हो सकता है।



Type of check sheet (चेक सीट के प्रकार)

5 तरीके की चेकशीट होती हैं।

  1. Attribute check sheet :- इसमें हम “Yes or No”, “Ok or Not ok”, “Good or Bad” जैसे शब्दों का उपयोग करके डाटा कलेक्ट करते हैं।
  2. Variable check sheet :- इस प्रकार की न्यूमेरिकल टाइप रीडिंग होती है।
  3. Location check sheet :- इस प्रकार की Check Sheet में डिफेक्ट मशीन या कोई Parts के किस लोकेशन में है, यह नोट किया जाता है।
  4. Cause check sheet :- इस प्रकार की चेक शीट में डिफेक्ट के कारण के अनुसार बनाई जाती है।
  5. Check- confirmation check sheet (checklist) :- चेक लिस्ट अलग-अलग कई प्रकार की होती है जिसमें हम अपने जरूरत के हिसाब से बनाते हैं। जैसे कि :-
    • Bike servicing checklist
    • Toilet toilet cleaning checklist
    • Risk risk identification
    • Contact review checklist
    • Feasibility study checklist
    • Item Purchase list etc.

Use and Benefits of Check Sheet (उपयोग और फायदे)

  • यह यह रियल टाइम पर डाटा को कलेक्ट करता है।
  • रियल रियल टाइम पर हम इफेक्ट को जाकर देखते हैं उसे कंफर्म करते हैं कि डिफेक्ट है भी या नहीं।
  • अलग-अलग प्रकार की चेकशीट में हम अलग-अलग चीजें बता सकते हैं जैसे इफेक्ट का टाइप, कारण,लोकेशन आदि।
  • लंबे समय तक डाटा रिकॉर्ड को रखने में काम आती है।
  • यह डाटा कलेक्शन का प्रूफ बनती है।
  • यह परेटो चार्ट, हिस्टोग्राम, बार चार्ट के लिए बेसिक डेटा प्रोवाइड करवाती है।

Some Example of check sheet / चेक सीट के कुछ उदाहरण

Example 1 :-

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सबसे पहले तो आप उपर दी गई चेकशीट को ध्यान से देखिए और जो इंफॉर्मेशन दी गई है उसे समझिए

यह एक प्रकार की डिफेक्ट चेक लिस्ट है, इसमें एक हफ्ते का डिफेक्ट डेटा है जिसमें फर्स्ट कॉलम में अलग-अलग प्रकार के डिफेक्ट लिए गए हैं, और बाकी सारे कॉलम में अलग अलग Date ली गई है।

इससे हमें यह पता चलता है, कि कौन सा डिफेक्ट किस किस डेट में आया है और कितनी बार आता है। इस के राइट साइड में टोटल नंबर ऑफ डिफेक्ट का कॉलम भी दिया गया और उसके नीचे उसका सब टोटल किया गया है।


Example 2

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Example 3

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यह एक लोकेशन चेक शीट है, ऊपर चित्र में देखिए शीट के राइट साइड में पार्ट का सिंबल दिया है। पहले कॉलम में डिक्टेट्स दिए हैं, दूसरे कॉलम में सिमबोल दिए हैं, और तीसरे कॉलम में उनके Count दिए हैं कि वह डिफेक्ट कितनी बार आया है।

अब जब हम इस शीट से रियल टाइम पर डिफेक्ट को चेक करने के लिए जाएंगे तो इस Right साइट में बने पार्ट के डायग्राम पर डिफेक्ट की लोकेशन पर पूर्व निर्धारित किए गए सिंबॉल को मार्क कर देंगे और शीट में उसकी टोटल Count को भी नोट कर लेंगे।



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