Flow chart kya hai In Hindi (प्रोसेस फ्लो चार्ट क्या है)

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What is process flow chart /diagram | (प्रोसेस फ्लो डायग्राम/चार्ट क्या है)

“Process Flow Chart यह 7QC टूल का एक भाग है, इससे किसी भी प्रक्रिया के सिक्वेंस को समझने में आसानी होती है यह प्रोसेस को स्टेप बाय स्टेप ग्राफिकल डायग्राम के रूप में दिखाता है, इसमें कई तरह के symbol होते हैं जो कि अलग-अलग Process को दिखाते हैं जो एक एरो से कनेक्ट होते हैं, चित्र में दिखाया गया है”

process flow chart diagram
Process flow chart /Diagram

Type of flow chart (फ्लो चार्ट कितने प्रकार का होता है) :-

  • Process flow chart
  • Data flow chart
  • Business process modelling diagram

Flow chart’s Symbol

Flow Chart में कुछ सिंबॉल होते हैं जिनकी मदद से हम प्रोसेस को समझ पाते हैं।

  • Start/End :- किसी भी प्रोसेस को Start या End करने के लिए सिंबल का प्रयोग किया जाता है।
start-end-flow-chart-symbol-engineerhindi
  • Input/output :- यह प्रोसेस में किसी भी प्रकार के मटेरियल या इंफॉर्मेशन के इनपुट या आउटपुट को दिखाता है।
input-output-flow-process-engineerhindi.com
  • Process :- डायग्राम में किसी भी प्रकार की कोई प्रोसेस हो रही हो तो उसे दिखाने के लिए हम इस सिंबॉल का उपयोग करते हैं।
process-flow-chart-symbol-engineerhindi.com
  • Document:- यह प्रोसेस में होने वाले डॉक्यूमेंटेशन दिखाता है और दूसरा सिंबॉल प्रोसेस में होने वाले मल्टीपल डॉक्यूमेंटेशन को दिखाता है।
single document symbol flow chart
multipule document symbol flow chart
  • Discussion:- प्रोसेस में इस सिंबॉल का उपयोग किसी प्रकार का डिसीजन लेना होता है या कोई क्वेश्चन होता है तब इसका उपयोग किया जाता है।
discussion-flow-chart-symbol

Flow Chart बनाने के Rule

फ्लो चार्ट बनाने को के लिए कुछ नियम होते हैं, जिससे फ्लोचार्ट को समझने में भी आसानी होती है। और इन सिंबॉल का उपयोग करके हम एक प्रोसेस में क्या क्या हो रहा है उसके डायग्राम बनाकर दिखा भी सकते हैं।

  • हर एक फ्लो फ्लोचार्ट का एक starting और एक Ending पॉइंट होगा। जहां से वह Start होगा और End होगा।
  • फ्लो चार्ट में जितने भी सिंबॉल होते हैं उन्हें एक एरो के द्वारा कनेक्ट किया जाता है जो कि डायग्राम में फ्लो डायरेक्शन को दिखाता है।
  • अलग अलग प्रोसेस को दिखाने के लिए एक अलग सिंबॉल का उपयोग किया जाता है।
  • केवल पूर्व निर्धारित सिंबल का ही उपयोग डायग्राम में किया जा सकता है।
  • यदि फ्लो चार्ट किसी कंडीशन पर बेस्ड है तो उसके दो एंड हो सकते हैं

Flow Chart के फायदे (Advantage)

  • फ्लोचार्ट से हम एक बहुत बड़ी प्रक्रिया को बहुत ही आसानी से स्टेप बाय स्टेप समझ सकते हैं।
  • हर अलग प्रक्रिया के लिए अलग सिंबॉल होने से हमें किसी भी प्रकार का कोई कंफ्यूजन नहीं होता।
  • यदि प्रोसेस में किसी प्रकार का कोई Error है तो उसका हम पता कर सकते हैं उसे सुधार सकते हैं।
  • इसके द्वारा कम समय में ज्यादा जानकारी प्राप्त होती है।
  • फ्लोचार्ट की जानकारी किसी दूसरे को भेजने या समझाने में आसानी होती है।
  • फ्लोचार्ट की मदद से हम किन्हीं दो प्रक्रियाओं के बीच का अंतर देख सकते हैं।

फ्लो चार्ट के नुकसान (Disadvantage)

फ्लोचार्ट से फायदे तो बहुत है पर कुछ नुकसान भी हैं परंतु ठीक से बनाए जाए तो नुकसान को ज्यादा बड़े नहीं है

फिर भी हम इस से क्या नुकसान हैं वह है समझ लेते हैं।

  • जब फ्लोचार्ट बड़ा होता है, तो उसे समझने और बनाने में मुश्किल होती है।
  • जब फ्लो चार्ट दो या अधिक पन्नों में बनता है तो उसे समझना बहुत मुश्किल हो जाता है।
  • यदि फ्लोचार्ट में हमें कोई बदलाव करना होता है तो चार्ट दोबारा बनना पड़ता है।
  • यदि डिजिटल टेक्निक का उपयोग नहीं कर रहे है, तो बीच फ्लो चार्ट में बदलाव नहीं किया जा सकता।
  • इसके सिंबॉल को पेपर पर बनाने में समय लगता है।


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