What Is Tolerance & Allowance \ टॉलरैन्स क्या है ?

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Tolerance \ टॉलरैन्स

किसी जॉब के अपर लिमिट साइज (Upper Limit Size) तथा लोअर लिमिट साइज (Lower Limit Size) के अन्तर को Tolerance कहते हैं। Tolerance किसी जॉब की Accuracy को प्रदर्शित करती है, यह हमेशा Positive रहती है तथा इसके साथ में कोई चिह्न प्रयोग नहीं किया जाता।

उदाहरण के लिए जॉब के साइज में दी गई Tolerance को यदि ग्राफ द्वारा दर्शाया जाए तो उसको Tolerance Zone कहते हैं। जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है :-

यदि किसी जॉब का साइज 20 -0.01, +0.02 के द्वारा दिया गया है, तो जॉब की अपर लिमिट साइज = 20 + 0.02 = 20.02 मि. मी.

जॉब की लोअर लिमिट साइज 20-0.01 = 19.99 मि. मी. , जॉब की टॉलरैन्स = 20.02 – 19.99 = 0.03 मिमी टॉलरैन्स कई प्रकार की होती हैं।

1. Unilateral Tolerance \ यूनिलेटरल टॉलरेन्स

इस टॉलरेन्स में जॉब के बेसिक साइज में केवल एक ही ओर Deviation होता है, तथा दूसरा डेविएशन जीरो Zero होता है , जैसे कि चित्र ( a ) में 22 -0.00, +0.02 अथवा 40 -0.01 अथवा 24 -001, +0.00 को दर्शाया गया है।

2. Bilateral Tolerance \ बाईलेटरल टॉलरेन्स

इस प्रकार के टॉलरेन्स में जॉब के बेसिक साइज में दोनों ओर दोनों डेविएशन अपर तथा लोअर (upper and lower) रहते हैं ; जैसे कि चित्र (b) में 48 -0.02, +0.02 को दर्शाया गया है।

3. Fundamental Tolerance

भारत में ब्यूरो ऑफ इण्डियन स्टैण्डर्ड सिस्टम (BIS system) के द्वारा टॉलरेन्स 18 के ग्रेड्स निर्धारित किए गए हैं , जो कि विभिन्न प्रकार की फिट देने के लिए प्रयोग किए जाते हैं । ये ग्रेड्स (Grades) होल (Hole) तथा शाफ्ट (shaft) दोनों के लिए समान रूप से कार्य करते हैं। जितना बड़ा नम्बर होता है, उतनी ही ज्यादा बड़ी टॉलरेन्स जोन होती है। इनको ITO1, ITO, IT1…… IT16 द्वारा दर्शाया गया है।

विभिन्न व्यासों के लिए टॉलरैन्स के ग्रेड्स हम तालिका से ज्ञात कर सकते हैं। किसी टॉलरेन्स के साइज को दर्शाने के लिए पहले बेसिक साइज लिखा जाता है। तत्पश्चात् फण्डामेन्टल डेविएशन तथा उसके बाद टॉलरेन्स का ग्रेड, जैसे – 30H7, इसमें 30 बेसिक साइज , H फण्डामेन्टल डेविएशन तथा 7 ग्रेड ऑफ टॉलरैन्स को प्रकट करता है।


Allowance

आपस में मिलने वाले दो पास की फिटिंग को ध्यान में रखते हुए उनके साइजों में जो अन्तर रखा जाता है, उसे एलाउन्स Allowance कहते हैं। एलाउन्स दोनों पार्ट्स के साइजों पर निर्भर करता है। फिटिंग के स्वभाव के अनुसार एलाउन्स Positive तथा ऋणात्मक Negative हो सकता है।

एलाउन्स दो प्रकार का होता है।

1) अधिकतम एलाउन्स Maximum Allowance

किसी होल साइज की अपर लिमिट तथा शाफ्ट साइज की लोअर लिमिट के अन्तर को अधिकतम एलाउन्स (Maximum Allowance) कहते हैं।

जैसा कि निम्न चित्र में एक क्लीयरेन्स फिट में अधिकतम तथा न्यूनतम एलाउन्स को दर्शाया गया है, जिसमें

होल का साइज 20 -0.000 मिमी से +0.020 तथा

शाफ्ट का साइज 20 -0.020 से +0.007 मिमी है।

यहाँ अधिकतम एलाउन्स = 20.020 – 19.980 = 0,040 मिमी होगा।

2) Minimum Allowance \ न्यूनतम एलाउन्स

किसी होल साइज की लोअर लिमिट तथा शाफ्ट साइज की अपर लिमिट के अन्तर को न्यूनतम एलाउन्स ( minimum Allowance ) कहते हैं।

चित्र में दर्शायी गई क्लीयरैन्स फिट में , न्यूनतम एलाउन्स = होल की लोअर लिमिट – शाफ्ट की अपर लिमिट अर्थात् न्यूनतम एलाउन्स

20.000 -19.993 = 0.007 मिमी


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